Saturday, May 6, 2017

शादी में मोर जैसी कार सजाकर लाया तो दंबंगो ने दलित दूल्हे संग बारातियों को भी पीटा

 इन दबंगों ने शादी की वीडियोग्राफी कर रहे कैमरा मैन का कैमरा भी तोड़ दिया


शादी में मोर जैसी कार सजाकर लाया तो दंबंगो ने दलित दूल्हे संग बारातियों को भी पीटासांकेतिक तस्वीर
यहां समीपस्थ ग्राम देरी में दलित दूल्हा को मोर के लुक में सजी कार पर सवार देखकर दबंग भड़क गये और उन्होंने दूल्हा सहित सात बरातियों की पिटाई कर दी। छतरपुर के ओरछा रोड थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल ने बताया कि बसंत लाल बंसल की बेटी प्रियंका का विवाह महाराजुर के बाबूलाल बंसल के बेटे प्रकाश के साथ गुरुवार रात हो रहा था। दूल्हे की मोर लुक में सजी कार से गांव में बरात जा रही थी, तभी गांव के दंबगों ने बरात को रोका। उन्होंने कहा कि जब दलितों ने इसका विरोध किया, तो अरविन्द सिंह, अखंड सिंह, पिन्टू विश्वकर्मा और पृथ्वी सिंह ने इनके साथ मारपीट कर दी, जिससे दूल्हे सहित सात लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
दयाल ने बताया कि इन दबंगों ने शादी की वीडियोग्राफी कर रहे कैमरा मैन का कैमरा भी तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि घटना की खबर लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एक आरोपी पृथ्वी सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन आरोपी फरार हो गये। दयाल ने बताया कि ओरछा रोड थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) एक्ट के तहत धारा 341, 294, 323, 427 एवं 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

Source: (http://www.jansatta.com/rajya/madhya-pradesh/bhopal/dalit-bride-and-his-relative-beaten-up-for-decorated-car-in-madhya-pradesh/317021/?utm_source=JansattaHP&utm_medium=referral&utm_campaign=jaroorpadhe_story)

Saturday, April 29, 2017

लड़की के फेरे कराने से पंडितों ने किया इंकार, वजह काफी शर्मसार करने वाली है

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hindu priest refused to do marriage of dalit girl at hisar

हिन्दू शादी

देश में एक बेटी के साथ शादी के वक्त शर्मनाक घटना, वो भी पंडितों ने की। उन्होंने उसके फेरे कराने से इंकार कर दिया। इसके पीछे की वजह चौंकाने वाली। घटना हरियाणा के हिसार की है।

बिडमड़ा गांव में पंडितों ने दलित परिवार की बेटी के फेरे कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दलित परिवार ने बौद्ध धर्म के तरीके से लड़की की शादी कराई। गांव की रविदास सभा ने फैसला लिया कि आगे भी बौद्ध धर्म के तरीके से शादी कराएंगे।
गांव बिडमड़ा में 24 अप्रैल को दलित परिवार के मूर्ताराम की बेटी की शादी थी। परिवार ने पंडितों से संपर्क किया तो एक पंडित ने शादी कराने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि मैं थका होने के कारण शादी नहीं करा सकता। दूसरे पंडित ने कहा कि मेरे पास काफी काम हैं। तीसरे ने कहा कि मैंने शादी कराई तो समाज के लोग मुझे जीने नहीं देंगे।
Source:http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/mathura/crime/dalit-man-murdered-in-mant-area-of-mathura

मथुरा के मांट में दलित की गोली मारकर हत्या

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dalit man murdered in mant area of mathura

अस्पताल में ले जाया गया शवPC: अमर उजाला

मथुरा के कस्बा मांट राजा के रहने वाले दलित किसान की शनिवार शाम को गोलीमार कर हत्या कर दी गई। वारदात को बाइक पर आए पांच हमलावरों ने अंजाम दिया। घटना के दौरान किसान अपने खेत पर बने ट्यूबवेल के कमरे पर प्लास्टर करा रहा था। हत्या की वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
बताया गया है कि मांट राजा निवासी दलित किसान रामबाबू पुत्र वासुदेव शनिवार को खेत पर बने ट्यबवेल के कमरे का प्लास्टर करा रहे थे। उसी दौरान बाइक पर आये पांच से अधिक हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। मृतक के बेटे बनवारी ने बताया कि वह अपने पापा के साथ खेत पर काम रहे थे। शाम को करीब पांच बजे वह मजदूर के साथ बाजार में जाल लेने के लिए आए थे। जब लौट कर खेत पर पहुंचे तो पिता के गोली लगी हुई थी और वह खून से लथपथ थे।

बनवारी ने पिता से पूछा कि तो पिता ने केवल एक अंगुली उठाई और इसके बाद दम तोड़ दिया।  बनवारी आनन-फानन में पिता को मांट सीएचसी ले गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। रामबाबू के खेत के पड़ौसी जयपाल सिंह ने बताया की गोली चलने की आवाज सुनते ही वह घटनास्थल की तरफ दौड़े तो दो बाइकों पर पांच लोग भागते नजर आए। उनकी पहचान नहीं हो सकी। इधर सूचना मिलते ही मांट पुलिस मौके पर पहुँच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के बेटे के किसी रंजिश से इनकार किया है। पुलिस घटना की वजह पता करने में जुटी है।

Source:http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/mathura/crime/dalit-man-murdered-in-mant-area-of-mathura

दलित की बेटी की शादी में बैंड-बाजा देख भड़के दबंग, कुंए में मिलाया मिट्टी का तेल

23 अप्रैल को माणा गांव में रहने वाले चंदेर मेघवाल की बेटी की शादी थी, जिसमें बैंड-बाजे का इंतजाम किया गया था। इसके विरोध में गांव में रहने वाले दबंगों ने बैंडबाजे का उपयोग करने को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।

गांव में दलितों के एकमात्र कुंए के पानी में दबंगों ने केरोसिन मिला दिया। (Photo Source: Videograb)

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के माणा गांव में एक दलित को बेटी की बारात का स्वागत बैंडबाजे से करना भारी साबित हुआ। गांव के दंबगों द्वारा इसका विरोध किया था, लेकिन उसने इस फैसले को मानने से मना कर दिया है और धूमधाम से बेटी की शादी के लिए आई बारात का स्वागत किया। यह सब पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हुई। दबंगों पर आरोप है कि बात नहीं मानने पर बदला लेने के लिए दलितों द्वारा इस्तेमाल किए जाने कुंए के पानी में केरोसिन ऑयल (मिट्टी का तेल) मिला दिया। यह घटना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 200 किलोमीटर दूर स्थित गांव में घटित हुई। केरोसिन के कारण कुंए का पानी पीने लायक नहीं बचा था, जिसके बाद एक पंप का इस्तेमाल करके दूषित पानी को बाहर निकाला गया।
23 अप्रैल को माणा गांव में रहने वाले चंदेर मेघवाल की बेटी की शादी थी, जिसमें बैंड-बाजे का इंतजाम किया गया था। इसके विरोध में गांव में रहने वाले दबंगों ने बैंडबाजे का उपयोग करने को लेकर चेतावनी जारी की गई थी। उन्होंने चेतावनी दी थी अगर बैंडबाजे का इस्तेमाल किया गया तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। गांव की परपंरा के मुताबिक इस गांव में दलितों को बारात का स्वागत करने के लिए सिर्फ ‘ढोल’ की अनुमति है। इसके बाद मेघवाल ने इसकी शिकायत पुलिस और प्रशासन से की। जिसके बाद पुलिस सुरक्षा में उनकी बेटी की शादी पूरे रीति-रिवाज से बैंडबाजे के साथ संपन्न हुई। जिसका बात का बदला लेने के लिए दलितों के कुंए के पानी में केरोसिन डाल दिया गया।

Source:http://www.jansatta.com/rajya/madhya-pradesh/bhopal/goons-pour-kerosene-in-dalits-well-in-revenge-in-madhya-pradesh/311836/?utm_source=JansattaHP&utm_medium=referral&utm_campaign=jaroorpadhe_story

http://timesofindia.indiatimes.com/city/indore/dalits-well-polluted-with-kerosene-after-ignoring-upper-caste-diktat/articleshow/58438795.cms


Monday, October 8, 2012


Concern over rising number of gang-rapes in Haryana

Terming the spate of gang-rapes reported in Haryana over the past month an “alarming situation”, the National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR) on Sunday demanded that exemplary punishment be awarded to those who raped a teenaged girl in the State on Saturday.
The victim -- a teenaged Dalit girl – immolated herself after being gang-raped in Jind district of Haryana. She was allegedly raped by two youths in Narwana sub-division of the district and the shocked girl later poured kerosene and set herself ablaze.
Haryana has witnessed over 10 rapes in the past one month alone leading the National Commission for Women too to express its serious concern over the matter.
Meanwhile, NCPCR chairperson Shanta Sinha said: “We will take cognisance of the incident and are demanding that the State Government take up the issue of security for women in a serious manner. The State has one of the worst sex ratios in the country and there is an urgent need for an emergency awareness drive to bring the State and civil society together to work for the protection of girls.”
“We are very concerned over the spurt in incidents of rape of teenaged girls in Haryana and will seek an explanation from the State Government. Ten rapes in one month in one State is a shocking indication of the situation. There is an urgent need for a public awareness campaign in favour of the girl child. There should also be a fear amongst those who indulge in such activities. They should be punished so that the girls are safe,” added Ms. Sinha.

2014 Lok Sabha elections: Congress eyes Dalit votes with India Inc help


The Congress-led UPA government is leaning on India Inc to facilitate training and job opportunities for youths from the Scheduled Castes (SCs) and Scheduled Tribes (STs).

The urgency to reach out to the most underprivileged section of the society is not without reason. The 2014 general elections are just one and a half years away and Dalits form a sizeable chunk of the electorate.

The Prime Minister's Office (PMO) has consulted industry leaders twice - in August and September - with its objective of meeting certain "meaningful targets involving training and employment of SC/ST youths in corporate sector".

A top government source said the target is to train one million youths in the next five years in 27 districts of five states - Uttar Pradesh, Bihar, Punjab, Orissa and Chhattisgarh - which have over 47 per cent SC/ST population.The proposed initiative is also aimed at not allowing other political parties, particularly the BSP and the Samajwadi Party, score over the Congress on the issue of welfare of backward communities, the source added.

A senior PMO official, however, said the government's affirmative action plan to "enroll SC/ST youths in corporate jobs" is nothing new. It has been executed earlier too but has failed to deliver the "desired results". He said the government and the industry seem to have different takes when it comes to "corporate quota for Dalits".



Officials confirmed that as a result of the last few meetings of the coordination committee on affirmative action convened by the PMO, a new target has been given to the industry for the next five years to work in the SC/ST dominated districts.

"The numbers achieved are disappointing and they need a firm push…The corporate sector needs to redefine the achievable targets and bring this affirmative action scheme as part of the corporate social responsibility (CSR)…It should reach out to the youths among the Dalits," the official said. Lok Sabha Speaker Meira Kumar, who is a Dalit leader, has also been pushing the affirmative action initiative. "A rejuvenated initiative will only achieve the growth involving an inclusive society," she said.

The last meeting in late September was chaired by Pulok Chatterjee, principal secretary to Prime Minister Manmohan Singh, and attended by senior members from the industry, including Sunil Kant Munjal of Hero group, Assocham vice-president Sunil Kanoria, Ficci director general Dr Arbind Prasad, and CII deputy director general Supriya Banerjee. Secretaries of labour, tribal affairs and department of industrial policy and promotion also attended the meeting, which resulted in some movement forward, claimed sources in the industry. Reacting to the meetings, Munjal told Mail Today: "A fair amount of advancement has certainly been made…(but) a lot needs to be done."

Added a top government source: "The government does not want a situation where political parties may put pressure on it for ensuring jobs to Dalits in the corporate sector… A safety valve is what we are looking at to give vent to the frustration building among the unemployed youths. The PMO feels that the CSR schemes will deliver for these target groups." The industry has sounded a positive note but is cautious about the "agenda set up by the government". Ficci secretary general Rajiv Kumar said: "The initiative launched cannot just be mandatory in nature, but voluntary to…We know that the Companies Bill has already made the provision to use 2 per cent of the net profit as 'mandatory' under the CSR, but the industry feels that it would amount to possible malpractices."

It is not that the industry is not working on such projects "voluntarily". There is one such project being worked out by Ficci in Sonbhadra district in UP, while the Assocham is meeting state officials in Bihar and Chhattisgarh with their 'train-and-employ' schemes.

The industry feels that a targeted beginning has been made with a string of meetings at regular intervals in the PMO, but there is still a "disconnect" between the government and the industry over skills and training offered to the Dalits and the possible jobs for them. The industry strongly feels that any scheme under the programme will not succeed until a clear "economic target is defined".

Assocham senior adviser G.P. Srivastava said: "The skills given to the target youths have to be in sync with the jobs in the market. It has to be in telecom, retail, hospitality, real estate and automobile sectors rather than the stereotyped sectors as fitter, welders and plumbers... If the employers will not get the desired skills in a particular candidate, the scheme will not achieve the desired results."
Source:(http://indiatoday.intoday.in/story/congress-dalit-votes-india-inc-help-2014-general-elections/1/223806.html)

Tension after Dalit priests not included in church rituals


Tension prevailed at Tiruvadanai, Tamil Nadu, after some Dalit Christians reportedly indulged in violence, questioning the non-inclusion of six Dalit priests in special rituals in a church in connection with its silver jubilee celebrations, police said.
Susai Manickam, priest of Oriyur Punitha Arulanandhar church said about 200 priests and nuns coming in a procession to the church were blocked by Dalit Christians who questioned the motive for suspending the six priests and said they would not allow celebrations unless the priests were included in the ‘Tirupali’ pooja and special prayers.
Reuters
Police said they then indulged in violence, breaking festoons and street lights.
Church officials decided to suspend the celebrations in order to hold talks with the Dalits as a tense situation prevailed, but negotiations with them had failed.
Meanwhile people in seven coastal hamlets in Rameswaram hoisted black flags in support of Dalit Christians and demanded that caste Christians allow Dalits to participate in the rituals. They also hoisted black flags at the Paraloka matha church in the island in protest, police said.